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छोटे कारोबार की मदद के लिए बढ़ते हाथ

  • हार्दिका शाह किनारा कैपिटल की सीईओ हैं, जिसने उन बढ़ते उद्यमियों को 10 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त आय दिलाई है जिन्हें इससे कर्ज़ मिला। साथ ही, हज़ारों की संख्या में रोज़गार भी उत्पन्न हुए।

हार्दिका शाह की किनारा कैपिटल महिला उद्यमियों समेत, हाशिए पर पड़े छोटे कारोबारों को बिना कुछ गिरवी रखे कर्ज मुहैया कराती है।


भारत की सफल महिला सीईओ के बारे में चार लेखों की शृंखला का यह चौथा लेख है

बेंगलुरू स्थित वित्तीय तकनीक कंपनी किनारा कैपिटल के सीईओ के रूप में हार्दिका शाह एक सरल लेकिन सशक्त मिशन का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने वित्तीय दुनिया के लाभों का फायदा भारत में छोटे और हाशिए पर पड़े कारोबार तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है। 

शाह को इस तरह के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की प्रेरणा अपनी मां से मिली जो मुंबई में एक छोटा कारोबार चलाती थीं। उनके अनुसार, ‘‘मैंने देखा है कि पैसों के अभाव में उनके लिए अपने कारोबार को चला पाना कितना मुश्किल होता था। सालों बाद जब मैं भारत की यात्रा पर लौटी तो मैंने पुराने दिनों के संपर्कों को फिर से जोड़ने की कोशिश की।’’ शाह दरअसल 15 वर्षों तक पढाई और काम के सिलसिले में विदेश में थी। शाह के अनुसार, ‘‘मुझे इस बात का अहसास हुआ कि एक छोटे कारोबार को चलाने के लिए जिस संघर्ष को दो दशक पहले मेरी मां ने झेला, वह आज भी बरकरार है।’’

शाह के अनुसार, दरअसल, बहुत-से छोटे और महिलाओं के द्वारा चलाए जा रहे कारोबार सिर्फ इसलिए ठहरे रह जाते हैं क्योंकि वित्तीय सहायता के अवसर ही नहीं मिल पाते। भारत में इस समय, 6 करोड़ ऐसे उद्यम हैं जिसमें 12 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है। शाह बताती हैं, ‘‘अधिकतर कर्ज देने वाले संस्थान उन्हें कर्ज देते ही नहीं हैं, खासकर प्रॉपर्टी को बंधन के रूप में रखे बगैर।’’

शाह और उनके सहयोगियों ने इस परेशानी को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत की। आज की तारीख में किनारा कैपिटल ने भारत के 90 शहरों में जरूरतमंद छोटे कारोबारी उद्यमों को बंधन मुक्त कर्ज देने के लिए अपनी 100 से अधिक शाखाओं को खोल रखा है। शाह के अनुसार, ‘‘हमने कज़र् में महिला उद्यमियों को डिस्काउंट देने के लिए एक स्कीम शुरू की है। हरविकास नाम की इस योजना में हमारा प्रयास है कि भारत में महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों को कम से कम डेढ़ करोड़ डॉलर का कर्ज बांटा जा सके।’’

नतीज़े खुद बोलते हैं: किनारा कैपिटल की मदद के चलते उन उद्यमियों को 10 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त आय हुई है जिन्हें इससे कज़र् मिला। इससे भारत में हज़ारों रोज़गार के अवसर भी उत्पन्न हुए हैं।

शाह के साथ ही किनारा कैपिटल को चलाने वालों में अधिकतर महिलाएं ही हैं। यहां गौर करने लायक बात यह है कि  बैंकिंग वह क्षेत्र रहा है जिसमें हमेशा से पुरुषों का दबदबा रहा है। नियुक्तियों और कारोबार के तौरतरीकों के लिहाज से शाह ने वित्तीय क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को ऊपर उठाने के लिए अतीत और वर्तमान की जानीमानी नारीवादियों से प्रेरणा ली है। शाह के अनुसार, ‘‘किनारा कैपिटल में, सीईओ, सीएफओ और प्रबंधन की टीम में अधिकतर महिलाएं ही हैं। और हमें ये बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमने इस अधिकतर पुरुष प्रधान क्षेत्र में तरक्की और मुनाफा हासिल करके दिखाया है।’’ उनका कहना है, ‘‘एस एंड पी की मौजूदा रिपोर्ट ने साबित किया है कि जिन कंपनियों में सीईओ और सीएफओ दोनों महिलाएं रही हैं, उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया है। फॉर्चून 500 कंपनियों की बात की जाए तो यहां पांच से भी कम कंपनियां ही हैं जहां सीईओ और सीएफओ दोनों की जिम्मेदारी महिलाओं के पास है। वित्तीय क्षेत्र की बात हो या नहीं, हम सभी को बहुत लंबा फासला तय करना है।’’ 

फरवरी 2021 में, किनारा कैपिटल ने इंडसइंड बैंक से एक करोड़ डॉलर प्राप्त किए और इसे भारत में मैनुफैक्चरिंग, ट्रेडिंग और सर्विस सेक्टर में अति लघु, लघु और मध्यम दर्जे (एमएसएमई)के उद्यमों के वित्तीय समावेश के विस्तार के लिए अमेरिकी इंटरनेशनल डवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन(डीएफसी) की तरफ से 100 प्रतिशत की गारंटी दी गई।  अमेरिकी सरकार का विकास वित्त संस्थान डीएफसी विकासशील देशों की मुश्किल चुनौतियों से निपटने के लिए निजी क्षेत्रों के साथ सहभागिता करता है।

शाह के अनुसार, ‘‘एमएसएमई, भारत की अर्थव्यवस्था को आय और रोजगार बढ़ाने में मदद देकर प्रेरित करता है और इस वर्ष कारोबार क्षेत्र की वित्तीय सहायता के लिए लगातार मांग में वृद्धि होती रही। इंडसइंड बैंक और डीएफसी के इस निवेश से छोटे कारोबारों के वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती भी मिलेगी।’’

डीएफसी के डवलपमेंट क्रेडिट ऑफिस में सोशल इंटरप्राइज़ फाइनेंस टीम के मैनेजिंग डायरेक्टर लॉरेन रॉडविन के अनुसार, ‘‘हम जिन संस्थानों की मदद करते हैं, उन्हें बहुत ही उच्च मानदंडों के तहत परखते हैं और किनारा कैपिटल आखिरी छोर पर डिलीवरी के मामले में एक मिसाल है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘किनारा कैपिटल की तरफ से वित्तीय समावेशन की प्रतिबद्धता के कारण ही सहभागिता में भारत के छोटे कारोबारी उद्यमों की मदद संभव हो पाई है। भारत के विविधता भरे एमएसएमई सेक्टर की ठोस क्षमताओं और संभावनाओं से हमें प्रेरणा मिली है और हम इंडसइंड और किनारा कैपिटल से सहभागिता करके गर्व महसूस करते हैं।’’

जो लड़कियां और महिलाएं शाह के कदम पर चलना चाहती हैं, उनके लिए वह सलाह देती हैं, ‘‘आपको विपरीत परिस्थितियों में भी सहज रहना सीखना होगा। आपसे लगातार सवाल पूछे जाएंगे और आपको लगातार आंका जाएगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं और आप क्या करती हैं, आपका नजरिया कैसा है, इसलिए इसको अपने मनोबल पर हावी मत होने दीजिए और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रहिए। इसके अलावा मैं जोड़ना चाहूंगी कि लड़कियां या किसी भी उम्र की महिलाएं आज किसी भी तरह की जेंडर असमानता को भरने में सक्षम हैं। आप में से हर एक में खुद के अलावा आपके जीवन में आने वाली दूसरी लड़कियों और महिलाओं के उत्थान में मददगार बनने की क्षमता मौजूद है।’’

माइकल गलांट, गलांट म्यूजिक के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। वह न्यू यॉर्क सिटी में रहते हैं।