menu

और लेख

  • मिलेनियम एलायंस पुरस्कार विजेता आइंड्रा सिस्टम्स अपनी सर्वअस्त्र जांच-तकनीक में आर्टीफिशयल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल गर्भाशय के कैंसर की स्मार्ट, त्वरित और कम खर्च में जांच के लिए कर रहा है।   

  • संक्रामक रोगों से बचाव के लिए तैयार वैक्सीन लाखों लोगों का जीवन बचा रही हैं। कोविड-19 और अन्य कई बीमारियों से मुकाबला करने के लिए अमेरिका के वैज्ञानिकों ने वैश्विक प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान किया है।

  • नेक्सस की सहायता हासिल करने वाली स्टार्ट-अप कंपनी डॉक्टर्नल स्मार्टफोन के जरिये विभिन्न बीमारियों की जांच और पहचान के काम को आसान बना रही है।

  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा नई खोज के लिए सम्मानित डॉ. वसंत वेदांतम, ऐसे मरीजों के लिए एक नई रीजेनेरेटिव थेरेपी पर काम कर रहे हैं जो हृदय की अनियमित धड़कन की बीमारी का शिकार हैं।  

  • नेक्सस से प्रशिक्षण पाने वाले स्टार्ट-अप पैसिफाई मेडिकल ने एक ऐसा नवप्रवर्तित उपकरण विकसित किया है जिसमें घावों पर स्किन स्प्रे किया जाता है जिससे सर्जरी में कम समय लगता है और घाव जल्द भरता है।

  • आकाश शाह का स्टार्ट अप केयर/ऑफ मासिक सदस्यता के हिसाब से हर ग्राहक के लिए खास तौर पर तैयार विटामिन पैक उपलब्ध कराता है।  

  • फुलब्राइट-नेहरू फेलो डॉ. आशीष गोयल बता रहे हैं कि कोविड-19 महामारी से डायबिटीज और उच्च रक्तचाप से पीडि़त व्यक्ति किस तरह सतर्क रहें और अपना बचाव करें।  

  • यूएसएड इंडिया द्वारा विकसित “मेरा अस्पताल” एप्लीकेशन से रोगियों से फ़ीडबैक लेने में मदद मिलती है, जिससे स्वास्थ्य देखभाल तंत्र बेहतर होता है और जवाबदेही आती है।

  • नेक्सस प्रशिक्षित गीतांजली बनर्जी का स्टार्ट-अप फेमटेक फर्टिलिटी दोस्त महिलाओं और दंपत्तियों को प्रजनन से जुड़ी समस्याओं और उनसे बचने के उपायों पर बातचीत का मंच उपलब्ध कराता है।  

  • कोविड-19 वैश्विक महामारी जैसे जन स्वास्थ्य संकट के दौरान चिंता और घबराहट का कैसे मुकाबला करें।      

  • यूएसएड द्वारा वित्तपोषित एक प्रोजेक्ट में टीबी से मुकाबले में आने वाली चुनौतियों से जूझने में मदद के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जा रहा है।

  • नेक्सस इनक्यूबेटर से प्रशिक्षित फेबियोसिस इनोवेशंस ने ऐसा एंटीवायरल फैब्रिक तैयार किया है जिससे कोविड-19  के संकट से जूझ रहे स्वास्थ्यकर्मियों को बचाने में मददगार गाउन बन सकेंगे।  

  • फुलब्राइट-नेहरू मास्टर्स फेलो डॉ. देबांशु रॉय स्वास्थ्य मंत्रालय के ई-हेल्थ डिविजन में काम करते हैं और डिजिटल स्वास्थ्य प्राथमिकताओं की रणनीति तैयार करने का खाका तैयार करते हैं।  

  • यूएसएड से वित्त पोषित प्रोजेक्ट संवाद, स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी बेहतरीन बातों के बारे में बताने के लिए वीडियो और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करता है।