menu

स्किन स्प्रे से त्वरित इलाज

  • पैसिफाई मेडिकल में प्रोजेक्ट मैनेजर साईप्रसाद पोयारेकर (बाएं) ने एक ऐसा नवप्रवर्तित उपकरण विकसित किया है जिसमें घावों पर स्किन स्प्रे किया जाता है जिससे सर्जरी में कम समय लगता है और घाव जल्द भरता है। फोटोग्राफ: साभार पैसिफाई मेडिकल

नेक्सस से प्रशिक्षण पाने वाले स्टार्ट-अप पैसिफाई मेडिकल ने एक ऐसा नवप्रवर्तित उपकरण विकसित किया है जिसमें घावों पर स्किन स्प्रे किया जाता है जिससे सर्जरी में कम समय लगता है और घाव जल्द भरता है।


अमेरिकन सेंटर स्थित नेक्सस में प्रशिक्षण पाने वाले स्टार्ट-अप पैसिफाई मेडिकल ने घावों पर स्किन स्प्रे करने वाला ऐसा उपकरण विकसित किया है जिसे त्वचा प्रत्यारोपण करने के लिए बड़े भाग में काम में लाया जा सकता है। यह विधि अभी पेटेंट के लिए विचाराधीन है। जलने, घायल होने या बीमारी के कारण त्वचा के नष्ट हो जाने पर उसकी बहाली के लिए सर्जरी के जरिये त्वचा का प्रत्यारोपण होता है। इसमें शरीर में एक जगह से त्वचा लेकर उसे दूसरी जगह पर प्रत्यारोपत किया जाता है। यह उपकरण इस दृष्टि से महत्वपूर्ण है कि यह स्वस्थ त्वचा के स्टांप के आकार का ही इस्तेमाल करता है, जिससे घाव जल्दी भर जाते हैं। इससे रोगियों और अस्पतालों को समय और धन की बचत होती है, क्योंकि सर्जरी में समय कम लगता है और घाव जल्द भरते हैं।

पैसिफाई मेडिकल में प्रोजेक्ट मैनेजर साईप्रसाद पोयारेकर स्पष्ट करते हैं कि इस उपकरण के कई लाभ हैं। वह कहते हैं, ‘‘त्वचा को स्प्रे करने वाला उपकरण एक क्लिक के आधार पर काम करता है। इसकी सरलता त्वचा के प्रत्यारोपण की सर्जरी में मदद करती है।’’ उनके अनुसार जब त्वचा देने वाला दाता क्षेत्र कम हो, तो यह अच्छा समाधान है। ‘‘त्वचा प्रत्यारोपण के लिए दाता क्षेत्र के कम होने पर सर्जन स्टांप आकार का त्वचा प्रत्यारोपण कर सकता है और उपकरण में त्वचा सॉल्यूशन भर सकता है।’’ यह थोड़े से सॉल्यूशन को मौजूदा विधियों के मुकाबले अधिक क्षेत्र में पहुंचा सकता है।  उनके अनुसार, ‘‘त्वचा प्रत्यारोपण के मौजूदा श्रेष्ठ मानकों के मुकाबले यह उपकरण अधिक प्रभावी है।’’

इस प्रोजेक्ट की शुरुआत भारत में जलने के शिकार रोगियों के इलाज में खाई को भरने के लिए की गई। पोयारेकर ऐसे इंजीनियर हैं, जिनमें बेहद उत्सुकता है और जो समस्याओं को सहज ही हल करने वाले हैं। वह कहते हैं, ‘‘मुझे ऐसे उत्पाद बनाने का अनुभव है जो समस्याओं का समाधान प्रदान करते हैं। इस बार मैंने ऐसे समाधान के बारे में सोचा जो जलने से बने बड़े घाव को भरने में मदद करे। यह आपात हालात में सीमित स्वस्थ त्वचा की उपलब्धता की समस्या का हल दे सकता है। इससे रोगी के इलाज की प्रक्रिया को बेहतर बनाया जा सकता है।’’ त्वचा प्रत्यारोपण की प्रक्रिया की पड़ताल करते वक्त यह साफ हो गया कि एक बड़ी बाधा स्वस्थ त्वचा उपलब्ध होने और प्रभावित क्षेत्र के इलाज के लिए पहुंच के विस्तार की है। मौजूदा विस्तार अनुपात से आगे ले जाने वाली व्यवस्था इसके लिए अहम थी। पोयारेकर कहते हैं, ‘‘इसी से स्किन स्प्रे का आइडिया दिमाग में आया।’’

बड़े क्षेत्र में जलने का इलाज करने में मदद, खासकर दूसरे श्रेणी या उससे ऊपर के जलन के मामलों में, के अलावा यह यंत्र घावों को भरने के दौरान उन्हें संक्रमण और अन्य समस्याओं से बचाने में भी मददगार है।

नई दिल्ली स्थित अमेरिकन सेंटर के नेक्सस स्टार्ट-अप हब ने इस प्रोजेक्ट के विकास में अहम भूमिका अदा की। पोयारेकर कहते हैं, ‘‘नेक्सस की भूमिका इस यंत्र के व्यवसायीकरण में थी, जिसमें इससे जुड़े पक्षों के लिए वेल्यू प्रपोजिशन तैयार करना, पिच प्रैक्टिस, वित्तीय जानकारी का विकास और नवउत्पाद को बाज़ार में ले जाने के लिए व्यावसायिक रूप से तैयार होना शामिल है।’’ वाकई, यह संक्रमण काल अभी भी चल रहा है। वह कहते हैं, ‘‘यह यंत्र इस समय क्लिनिकल वैलिडेशन के दौर से गुजर रहा है और भारत में अस्पतालों में इसका परीक्षण हो रहा है।’’

कोविड-19 महामारी के कारण इस प्रक्रिया में देरी हुई है और यह अब फिर से शुरू हो सकेगी। पोयारेकर कहते हैं, ‘‘कोविड के प्रभाव से हमारा विकास कार्य रुक गया, क्योंकि कलपुर्जों की खरीद में देरी हो गई और अस्पतालों तक पहुंच में भी देरी हुई। इस प्रक्रिया के दौरान टीम ने वचुअर्ल तौर पर काम करना और वचुअर्ल तौर पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों तक पहुंचना और उनमें भागीदारी करना सीखा। इससे यात्रा पर खर्च होने वाले समय और धन की बचत हुई, जिससे उत्पाद के विकास कार्य के लिए ज्यादा समय मिल सका।’’

ट्रेवर एल. जॉकिम्स न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी में लेखन, साहित्य और समकालीन संस्कृति पढ़ाती हैं।